जानकारी देने के स्थान पर जानकारी मांगना क्या विधायक के लिए न्यायसंगत ?
छतरपुर:- 14 जनवरी को महाराजपुर नगर पालिका द्वारा कुम्हेण नदी पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय उद्यान का निर्माण 24.81 लाख से मेले में एक पार्क का उद्घाटन किया इसी दोरान बावड़ी का दूषित पानी एवं महाराजपुर मेला में एडिशनल कमिश्नर की नेम प्लेट की गाड़ी की चर्चा लोगो के बीच रही।
जहां महाराजपुर विधानसभा में नगर पालिका, द्वारा दूसरे विभागों की बिना विभागीय भू स्थानांतरण के दूसरे विभागों की जमीन पर नगर पालिका के द्वारा अतिक्रमण कर निर्माण कार्य में थाना महाराजपुर की जमीन पर नगर पालिका का अतिक्रमण संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में TNI न्यूज एजेंसी के रिपोर्टर के सवाल पर अब विधायक ने ही दस्तावेज उपलब्ध कराने की बात कह दी।
हालांकि विधायक, सांसद एवं अधिकारियों के पास सीधे किसी भी खबर के साक्ष्य दस्तावेज मांगने का अधिकार नहीं है।
सूत्रों की माने तो (विधानसभा नियम) के तहत लीगल प्रोसेस उपरांत विधानसभा स्पीकर के द्वारा विधायक कामाख्या प्रताप सिंह को उपलब्ध कराया जा सकते हैं।
बिना सेंसरशिप की चल रही यूट्यूब पत्रकारिता से जहां जनता के मुद्दे गुम हो जा रहे हैं वहीं इसे यूट्यूब पत्रकारों से घिरे रहने वले जनप्रतिनिधि भी अपने अधिकारों एवं नियमों को भूलते जा रहे हैं। या भूलने का दिखावा कर रहे हैं।,,✍@खेमराज चौरसिया(आरटीआई कार्यकर्ता)















