कृषक कल्याण वर्ष' में किसानों की सम्मान निधि पर ब्रेक.?
आखिर किसके आदेश से रुकी मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की किस्त.?
@ खेमराज चौरसिया (आरटीआई कार्यकर्ता)
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को "कृषक कल्याण वर्ष" घोषित किया है। सरकार किसानों के हित में नई घोषणाएं कर रही है, लेकिन दूसरी ओर प्रदेश के लगभग 80 लाख से अधिक किसान मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की अगली किस्त का इंतजार कर रहे हैं।
अगस्त 2025 के बाद से योजना की नई किस्त जारी नहीं होने पर किसानों के बीच असंतोष बढ़ रहा है।
खरीफ की बुवाई शुरू हो चुकी है। किसानों को खाद, बीज, डीजल और सिंचाई के लिए नकदी की जरूरत है। केंद्र सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किस्त जारी कर चुकी है, लेकिन राज्य सरकार की मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की राशि अब तक किसानों के खातों में नहीं पहुंची।
सरकार की ओर से देरी का कोई स्पष्ट और विस्तृत आधिकारिक कारण भी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
सबसे बड़ा सवाल—आखिर राशि रुकी क्यों?
यदि योजना के लिए बजट का प्रावधान है, लाभार्थियों की सूची तैयार है और डीबीटी व्यवस्था पहले से लागू है, तो किस्त जारी करने में देरी का कारण क्या है?
क्या यह केवल प्रशासनिक प्रक्रिया है, वित्तीय प्रबंधन का मामला है या फिर कोई अन्य कारण? इन सवालों पर सरकार की ओर से अब तक स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है।
शिवराज की योजना, मोहन सरकार की परीक्षा
मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्रमुख किसान योजनाओं में रही है। अब इस योजना को लागू रखने और समय पर राशि जारी करने की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार की है।
राजनीतिक हलकों में शिवराज सिंह चौहान और डॉ. मोहन यादव के बीच नेतृत्व और प्रभाव को लेकर समय-समय पर चर्चाएं होती रही हैं। विपक्ष भी किस्त में देरी को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हालांकि, ऐसा कोई आधिकारिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है जिससे यह निष्कर्ष निकाला जा सके कि किस्त में देरी किसी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के कारण हुई है। इसलिए इस पहलू को राजनीतिक चर्चा के रूप में ही देखा जाना चाहिए, तथ्य के रूप में नहीं।
किसानों का सवाल राजनीति नहीं, पैसा है
किसानों का कहना है कि उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि योजना किस नेता ने शुरू की थी। उन्हें समय पर आर्थिक सहायता चाहिए। खेती का मौसम किसी राजनीतिक कार्यक्रम का इंतजार नहीं करता। यदि सहायता समय पर नहीं मिलेगी तो किसान कर्ज लेकर खेती करने को मजबूर होगा।
सरकार से पांच सीधे सवाल
मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की अगली किस्त अब तक क्यों जारी नहीं हुई ?
किस्त जारी करने की निश्चित तिथि क्या है?
क्या सभी पात्र किसानों को एक साथ भुगतान होगा?
यदि देरी प्रशासनिक कारणों से है, तो सरकार उसका सार्वजनिक स्पष्टीकरण क्यों नहीं दे रही?
जब वर्ष 2026 को "कृषक कल्याण वर्ष" घोषित किया गया है, तो किसानों की सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता लंबित क्यों है?
लोकतंत्र में योजनाएं किसी एक नेता की नहीं, जनता की होती हैं। यदि मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना किसानों के हित के लिए बनाई गई है, तो उसकी किस्त समय पर मिलना भी उतना ही आवश्यक है। सरकार को पारदर्शिता के साथ किसानों को बताना चाहिए कि भुगतान कब होगा और देरी का वास्तविक कारण क्या है।
किसान आज सिर्फ इतना पूछ रहा है—घोषणाएं बहुत हुईं, अब सम्मान निधि खाते में कब आएगी?











