काबुल (अफगानिस्तान) / नई दिल्ली, 28 अक्टूबर 2026
पत्रकारों के वैश्विक हितों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और पत्रकार सुरक्षा को लेकर कार्यरत अंतर्राष्ट्रीय संगठन *वर्ल्ड इंटरनेशनल प्रेस क्लब (World International Press Club)ने अपनी नई अंतर्राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है।
संगठन के अंतर्राष्ट्रीय बोर्ड की बैठक में सर्वसम्मति से नई अंतर्राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा अनुसार श्री औरंगजेब कमाल बंगलादेश को सर्वसम्मति से अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया।
अंतर्राष्ट्रीय कार्यकारिणी में श्री फारूक बंदाकांडे श्रीलंका सहित डॉक्टर सैयद खालिद कैस भारत को *अंतर्राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (International Vice President) मनोनीत किया गया है।संगठन के अंतर्राष्ट्रीय बोर्ड ने अंतर्राष्ट्रीय संगठन महासचिव श्री मोहम्मद इश्तियाक अली पाकिस्तान को चुना है।वहीं श्री उस्मान वायकुस तुर्की को भी अंतर्राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है।
भारत निवासी श्री समरेश रॉय को अंतर्राष्ट्रीय संगठन महासचिव का दायित्व सौंपा गया है।अंतर्राष्ट्रीय कार्यकारिणी में श्री सैयद यासीन मतीन अफगानिस्तान को संयुक्त सचिव का दायित्व सौंपा गया है।
यह मनोनयन अफगानिस्तान में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन के दौरान किया गया। डॉ. कैस की नियुक्ति को भारत के लिए गौरव का क्षण बताया जा रहा है। डॉ. कैस पिछले तीन दशकों से अधिक समय से पत्रकार हितों, पत्रकार सुरक्षा कानून और डिजिटल मीडिया पत्रकारों के अधिकारों के लिए सतत संघर्षरत हैं।
इस अवसर पर डॉ. सैयद खालिद कैस ने कहा, _"यह सम्मान मेरा नहीं, बल्कि भारत के उन लाखों मेहनतकश पत्रकारों का है जो विषम परिस्थितियों में भी लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। वर्ल्ड इंटरनेशनल प्रेस क्लब के माध्यम से हम विश्व भर के पत्रकारों की सुरक्षा, कल्याण और निष्पक्ष पत्रकारिता के संरक्षण के लिए मिलकर कार्य करेंगे। विशेष रूप से युद्धग्रस्त क्षेत्रों जैसे अफगानिस्तान, सीरिया में कार्यरत पत्रकारों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता होगी।"
वर्ल्ड इंटरनेशनल प्रेस क्लब के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि डॉ. कैस के अनुभव का लाभ संगठन को वैश्विक स्तर पर पत्रकारों को एकजुट करने में मिलेगा और एशिया में संगठन का विस्तार होगा। नई अंतर्राष्ट्रीय कार्यकारिणी में अमेरिका, ब्रिटेन, अफगानिस्तान, जर्मनी, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका सहित 20 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है।
डॉ. सैयद खालिद कैस - जीवन दर्शन
डॉ. सैयद खालिद कैस पेशे से *एडवोकेट, वरिष्ठ पत्रकार, लेखक और चिंतक* हैं। वे *प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (पंजीकृत) के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष* हैं। उनकी लिखी पुस्तक _"लोकतंत्र का चौथा स्तंभ लहू-लुहान"_",देश में सुरक्षित नहीं निष्पक्ष पत्रकारिता", "हिंदी पत्रकारिता लोकतंत्र की आधारशिला" पत्रकारों की वर्तमान दशा पर एक महत्वपूर्ण दस्तावेज मानी जाती है। निकट भविष्य में प्रकाशधीन उनकी नवीन कृति "क़लम अभी जिंदा है" का विमोचन प्रस्तावित है। उनके जीवन दर्शन को उनके कार्यों, वक्तव्यों और 30 सितंबर 2026 को मिले *इंटरनेशनल पेन ऑफ कॉन्शियस अवार्ड (IPCA) के प्रशस्ति-पत्र से समझा जा सकता है:
1. कलम ही सत्य की मशाल है:
पुरस्कार समिति ने कहा - "आपकी निडर अभिव्यक्ति, नैतिक स्पष्टता और सत्य के प्रति प्रतिबद्धता ने सोच को प्रेरित किया है... ईमानदारी और उद्देश्य से लिखे गए शब्द में एक पीढ़ी को जागृत करने की शक्ति होती है"। डॉ. कैस मानते हैं कि पत्रकारिता सत्ता की चाटुकारिता नहीं, बल्कि अंतरात्मा की आवाज है।
2. पत्रकार सुरक्षा ही लोकतंत्र की सुरक्षा:
उनका मूल दर्शन है - _"अंतरात्मा से प्रकाशित पत्रकारिता ही लोकतंत्र की सच्ची संरक्षक है"_। इसलिए उन्होंने पत्रकारों के लिए सुरक्षा कानून, बीमा, पेंशन और डिजिटल मीडिया पत्रकारों को मान्यता दिलाने को अपने जीवन का मिशन बनाया।
3. निष्पक्षता और निर्भयता:
उन्होंने स्वयं कहा था कि यह सम्मान "उन सभी क्रांतिकारी पत्रकारों का है जो विपरीत परिस्थितियों में भी सत्य और नैतिक पत्रकारिता के लिए डटे रहते हैं"। वे पत्रकारिता में जाति, धर्म, दल से ऊपर उठकर केवल सत्य के पक्ष में खड़े होने के पक्षधर हैं।
4. संगठन में शक्ति:
उनका मानना है कि अकेला पत्रकार कमजोर है, संगठित पत्रकार सत्ता से भी सवाल कर सकता है। इसी दर्शन पर उन्होंने प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स को अखिल भारतीय संगठन के रूप में खड़ा किया, जिसकी कार्यकारिणी में देश भर के पत्रकार शामिल हैं।
संक्षेप में, डॉ. कैस का जीवन दर्शन है: "डरो मत, बिको मत, झुको मत - कलम को अंतरात्मा की आवाज बनाओ।"
डॉ. सैयद खालिद कैस को प्राप्त अन्य महत्वपूर्ण सम्मान
*इंटरनेशनल पेन ऑफ कॉन्शियस अवार्ड (IPCA) - 2026 के अलावा डॉ. कैस को पत्रकारिता, साहित्य और समाज सेवा के क्षेत्र में मिले अन्य प्रमुख सम्मान इस प्रकार हैं:
1. इंटरनेशनल पेन ऑफ कॉन्शियस अवार्ड - 2026
- *प्रदाता:* द जम्हारा वर्ल्ड न्यूज़ - सच संदेश, संस्थापक - प्रो. अम्ब. रेव. डॉ. जितेंद्र सिंह
- : निडर, निष्पक्ष और सत्यनिष्ठ पत्रकारिता और लेखन के लिए। प्रशस्ति पत्र में कहा गया - _"आपकी नैतिक स्पष्टता और सत्य के प्रति प्रतिबद्धता ने एक न्यायपूर्ण समाज की नींव को मजबूत किया है।"
2. पत्रकार गौरव सम्मान
- मेहनतकश पत्रकारों की आवाज बुलंद करने और प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स को अखिल भारतीय संगठन के रूप में स्थापित करने के लिए विभिन्न प्रदेश इकाइयों द्वारा।
3. साहित्यिक सम्मान - 'लोकतंत्र का चौथा स्तंभ लहू-लुहान'सहित अन्य पुस्तकों को लोकतंत्र में पत्रकारों की पीड़ा पर महत्वपूर्ण दस्तावेज के रूप में सराहा गया, जिसके लिए उन्हें कई साहित्यिक मंचों पर सम्मानित किया गया।
4. वर्ल्ड इंटरनेशनल प्रेस क्लब - अंतर्राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोनयन (2026)
- यह पद भी एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मान के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें अफगानिस्तान में आयोजित वैश्विक सम्मेलन में उन्हें 20 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के बीच भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया।
5. विधि एवं न्याय के क्षेत्र में सम्मान
- पेशे से एडवोकेट होने के नाते पत्रकारों के कानूनी अधिकारों और पत्रकार सुरक्षा कानून की पैरवी के लिए बार एसोसिएशन और सामाजिक संगठनों द्वारा।
डॉ. कैस स्वयं इन सम्मानों को व्यक्तिगत नहीं, बल्कि *"देश के लाखों मेहनतकश, छोटे और मझोले शहरों के उन पत्रकारों का सम्मान मानते हैं, जो बिना सुविधाओं के भी लोकतंत्र को जिंदा रखे हुए हैं।"*










