आदिवासी स्कूल जहाँ अचानक छात्राएं चीखने लगती हैं
पढ़ाई ठप, अंधविश्वास का साया
सिवनी/ एम् पी / जिले के लखनादौन विकासखंड के मढ़ी गांव के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पिछले दो माह से अजीबोगरीब घटनाएं हो रही हैं। यहां पढ़ने वाली छात्राएं अचानक बीमार पड़कर चीखने-चिल्लाने लगती हैं, जिससे स्कूल की पढ़ाई पूरी तरह ठप हो चुकी है। छात्राएं डर के मारे दो माह से स्कूल नहीं आ रही हैं।
केवल छात्राओं को हो रही परेशानी
विद्यालय में कक्षा 9 से 12 तक 143 छात्र और 146 छात्राएं पढ़ती हैं। आश्चर्यजनक रूप से सिर्फ छात्राओं को ही यह समस्या हो रही है, छात्रों पर कोई असर नहीं। शनिवार को कुछ छात्राओं के चीखने पर ग्रामीणों ने झाड़-फूंक शुरू कर दी, जिससे भय और बढ़ गया। लखनादौन अस्पताल में जांच हुई, लेकिन कोई बीमारी नहीं पाई गई।
प्रशासन की जांच, लेकिन छात्राएं अनुपस्थित
सोमवार-मंगलवार को शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग कीसंयुक्त टीम जांच के लिए पहुंची, लेकिन एक भी छात्रा नहीं आई। स्थानीयों में अंधविश्वास फैला है, तो जागरूक लोग इसे मनोवैज्ञानिक भ्रम बता रहे हैं। विकासखंड अधिकारी श्याम बदन बघेल ने कहा कि हीमोग्लोबिन की कमी से ऐसा हो सकता है। जल्द स्कूल में स्वास्थ्य शिविर लगाकर जांच होगी और काउंसलिंग की जाएगी।
स्कूल में अव्यवस्था का बोलबाला
स्कूल में मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है। शौचालय जर्जर हैं, पानी नहीं है, इसलिए छात्र-छात्राएं खुले में शौच जाते हैं। ग्रामीणों ने अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन सुधार नहीं हुआ। जिम्मेदारों की लापरवाही से समस्या और गंभीर हो रही है।









