सप्तम कन्या विवाह महोत्सव: सामाजिक न्याय की अनूठी पहल, प्रदीप मिश्रा होंगे बागेश्वर महाराज के साथ।
छतरपुर। बागेश्वर धाम पिछले सात वर्षों से सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव के जरिए गरीबी, दहेज प्रथा और असहायता के खिलाफ जंग लड़ रहा है। 15 फरवरी 2026 को होने वाले सप्तम आयोजन में 300 निर्धन, मातृ-पितृहीन कन्याओं का विवाह बागेश्वर बालाजी की कृपा और पीठाधीश पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के मार्गदर्शन में संपन्न होगा। धाम की दान-पेटी से वित्त पोषित यह योजना दहेज-मुक्त और पूर्ण खर्च-मुक्त विवाह सुनिश्चित करती है।
सामाजिक प्रभाव
यह महोत्सव केवल विवाह नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक है। अब तक 669 से अधिक कन्याओं को विवाह के बंधन में बांधकर धाम ने गरीब परिवारों का बोझ कम किया है, जहां बेटियां आर्थिक तंगी के कारण बोझ न बनें। पात्रता जांच के बाद ही चयन सुनिश्चित करता है कि वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचे, जो सामाजिक न्याय की मिसाल है।
प्रमुख आमंत्रण देश के संतों-धर्माचार्यों के साथ प्रख्यात कथा व्यास पं. प्रदीप मिश्रा को निमंत्रित किया गया, जिन्होंने सहमति दे दी। 13 फरवरी को वे बागेश्वर महाराज के साथ मंच साझा करेंगे ,दोपहर 2 बजे पहुंचकर दो घंटे ठहरेंगे और आशीर्वचन देंगे। संत प्रभारी रोहित रिछारिया ने कुबेरेश्वर धाम जाकर पाती सौंपी।
यह पहल दर्शाती है कि धार्मिक संस्थाएं सामाजिक कल्याण में कैसे योगदान दे सकती हैं, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के संदेश को मजबूत करते हुए।@अभिषेक व्यास










