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दिल्ली कूच से पहले हजारों आदिवासी किसान और महिलाएं छतरपुर की सड़कों पर करेंगे शक्ति प्रदर्शन।

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घर-घर से जुटा आटा, खेत-खलिहानों से उठी ताकत—लंबी लड़ाई के लिए हजारों किसान करेंगे आज दिल्ली कूच।


दिल्ली कूच से पहले हजारों आदिवासी किसान और महिलाएं छतरपुर की सड़कों पर करेंगे शक्ति प्रदर्शन।

प्रेस विज्ञप्ति –04 अप्रैल 2026

छतरपुर // केन बेतवा लिंक परियोजना सहित छतरपुर–पन्ना क्षेत्र में चल रहे विस्थापन, प्रशासनिक दमन और झूठे आश्वासनों के विरोध में आदिवासी किसानों का आंदोलन अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है। “जय किसान संगठन” के आह्वान व सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर के नेतृत्व में हजारों आदिवासी किसान, महिलाएं और बच्चे 5 अप्रैल को दिल्ली कूच के लिए रवाना हो रहे हैं।

दिल्ली कूच से पूर्व छतरपुर में आज एक विशाल रैली का आयोजन किया जा रहा है, जो पन्ना से प्रारंभ होकर बमीठा, फोरलेन मार्ग, महोबा रोड ओवरब्रिज, गुरुद्वारा होते हुए फब्बारा चौक पहुंचेगी। इसके पश्चात पैदल रैली चौक बाजार, महल रोड होते हुए छत्रशाल चौक तक जाएगी। यह रैली दोपहर 2:30 बजे से सायं 5:30 बजे तक आयोजित होगी, जिसमें हजारों आदिवासी किसान, महिलाएं और युवा भाग लेंगे।

किसानों ने इस बार लंबी लड़ाई की पूरी तैयारी की है। गांव-गांव से घर-घर आटा, लकड़ी और अन्य आवश्यक सामग्री एकत्रित की गई है, जिससे स्पष्ट है कि किसान इस बार आंदोलन को लंबे समय तक जारी रखने के लिए तैयार हैं।

किसानों का कहना है कि पिछले 4 वर्षों में उन्होंने हर शांतिपूर्ण तरीका अपनाया—जल सत्याग्रह, भूख हड़ताल, ज्ञापन, यहां तक कि खून से पत्र और सांकेतिक फांसी जैसे कदम भी उठाये लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।

परियोजना प्रभावितों का आरोप है कि विभिन्न परियोजनाओं के नाम पर बिना मुआवजा भूमि अधिग्रहण, फसलों का नुकसान, मकानों का विध्वंस और आंदोलनकारियों पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। साथ ही, पारदर्शिता का अभाव और पुलिसिया दमन लगातार बढ़ रहा है। इसी के विरोध में “न्याय अधिकार जन आंदोलन” के तहत किसान अब दिल्ली में अपनी आवाज उठाने जा रहे हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, वे दिल्ली में डटे रहेंगे।

इस आंदोलन में विशेष रूप से आदिवासी महिलाएं बड़ी संख्या में भाग ले रही हैं, जो इस संघर्ष का नेतृत्व कर रही हैं। रैली के पश्चात बड़ी संख्या में किसान दिल्ली कूच करेंगे, जहां वे अपनी मांगों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएंगे।

 कई संगठनों का मिला समर्थन 


दलित आदिवासी क्रांति सेना (बुंदेलखंड) ने भी आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए बड़ा फैसला लिया है।संयोजक केपी सिंह ने 7 अप्रैल को प्रस्तावित अपने आंदोलन को निरस्त करते हुए बताया कि जय किसान संगठन की अपील पर 5 अप्रैल को डायमंड चौराहा, पन्ना से दलित आदिवासी क्रांति सेना दिल्ली कूच में शामिल होगी। जय किसान संगठन के दिल्ली कूच के कार्यक्रम में पंजाब व हरियाणा के भी कई किसान संगठनों ने आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा करते जंतर मंतर पर उनके साथ आंदोलन में सम्मिलित होने की बात कही है।



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