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सर्वाधिक कार्यकाल के अलावा नमो के नाम कई अन्य उपलब्धियां भी हैं!

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डॉक्टर सैयद खालिद कैस एडवोकेट

लेखक, समीक्षक, आलोचक, पत्रकार


इन दिनों देश में यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी जी के देश में बतौर प्रधानमंत्री लंबे समय तक के कार्यकाल पर जश्न मनाया जा रहा है। कोई पंडित नेहरू से अधिक की तुलना कर रहा तो कोई किसी अन्य बात से उनका महिमा मंडन कर रहा है। बेशक देश के लिए गर्व की बात है कि देश में साम दाम दंड भेद के फार्मूले को अपनाकर, विपक्ष के नेस्तनाबूत करके, विपक्षियों के साथ शत्रु स व्यवहार करके, विपक्षी नेताओं के नाम निशान को मिटाने के हरसंभव प्रयास करके तथा अपने 12वर्ष से अधिक कार्यकाल में देश को कर्जे, बेरोजदारी, गरीबी और अराजकता से सिंचित करने वाले मुखिया होने के नाते उनको हार्दिक शुभकामनाएं देना चाहिए ही। लेकिन सिक्का का एक दूसरा पहलू भी जनमानस के स्मरण में होना चाहिए जिस पर में प्रकाश डालने जा रहा हूं। बेशक मेरे इस प्रयास से महामहिम के कट्टर भक्तों, पार्टी विशेष के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं को पीड़ा होगी लेकिन जनमानस को जागरूक करना वर्तमान संदर्भ में देशहित में नितांत आवश्यक होगा जो मेरा परम कर्तव्य है।

साथियों, यशस्वी प्रधानमंत्री जी न केवल सबसे अधिक समय तक राज्य करने वाले महापुरुष की उपाधि के हकदार नहीं वरन् उनके सिर अन्य भी कई उपलब्धियां भी हैं जिनको जानने समझने का हमारा न अधिकार ही नहीं वरन् हमारा नैतिक दायित्व भी है ताकि कल जब हमारी आने वाली पीढ़ियां हमसे सवाल करेंगी तो हमको शर्मिंदा न होना पड़े। क्योंकि ताली थाली बजा कर महामना का महिमा मंडन करना ही हमारा दायित्व नहीं।


आइए जानते हैं महामना की उपलब्धियों को समझें:

श्री नरेंद्र मोदी 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री बने इस लिहाज से उनका 12 साल का कार्यकाल 26 मई 2026 तक पूरा हो चुका है। इस दरमियान प्रधानमंत्री जी देश से बाहर रहकर सबसे ज्यादा विदेश यात्राएं करने वाले प्रधानमंत्री का भी ताज श्री नरेंद्र मोदी जी के ही सिर है। आधिकारिक/सार्वजनिक डेटा के हिसाब से प्रधानमंत्री मोदी जी ने अपने 12 साल के कार्यकाल में कुल 352 दिन विदेश में बिताए हैं। यानी 12 साल = 4380 दिन में से ∼352 दिन, मतलब करीब 8% समय या 11.5 महीने। इसी अवधि में उन्होंने 100 अंतरराष्ट्रीय यात्राएं कीं, और 80 देशों का दौरा किया। इस हिसाब से एक विदेश यात्रा औसतन 3.6 दिन की रहती है। यानी हर ∼6 हफ्ते में 1 विदेश दौरा हमारे प्रधानमंत्री के खाते में रही।

प्राप्त जानकारी अनुसार प्रधानमंत्री जी के कार्यकाल का पहला साल 2014-15 में 54-55 दिन में 18 देश और 5 महाद्वीप की यात्रा के नाम रहे। अर्थात 2014-2019 के अपने पहले कार्यकाल में यशस्वी प्रधानमंत्री जी ने 186 दिन में 59 देश की 49 यात्राएं की। 2020-2021 में जरूर कोरोना काल के कारण वह विदेश नहीं जा पाए और इस दौरान उनके द्वारा एक भी यात्रा नहीं की। लेकिन कोविड के दूसरे खंड 2021की भीषणता,महामारी का आतंक उनको रोक नहीं पायाऔर इस दौरान उन्होंने 3 विदेश यात्राएं कर ही डाली। वर्ष 2025 में उनके द्वारा 42 दिन में 23 देश और 11 यात्राएं की जो इस दशक में उनका सबसे व्यस्त साल रहा। इस प्रकार यशस्वी प्रधानमंत्री जी ने जून 2014 से जून 2026 तक 352 दिन में 100 यात्राएं करने का कीर्तिमान रचा। इस लिहाज से भी प्रधानमंत्री जी ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय मनमोहन सिंह का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया।पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय मनमोहन सिंह जी ने अपने 10 साल के कार्यकाल में कुल 306 दिन विदेश में बिताए थे। मेरे द्वारा दिए आंकड़े यदि आपको फर्जी लगते हैं तो आप लोग PMO की आधिकारिक http://pmindia.gov.in पर "PM's Visits" सेक्शन में जाकर सत्यता जांच सकते हैं।


यशस्वी प्रधानमंत्री की इन यात्राओं पर खर्च होने वाले धन की यदि बात करें तो देश में सबसे ज्यादा विदेश यात्राएं कर खर्च करने का भी कीर्तिमान मोदी जी के ही सिर पर है।


प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं का खर्च विदेश मंत्रालय संसद में समय-समय पर बताता है। इसमें चार्टर्ड फ्लाइट, विमान मेंटेनेंस, सुरक्षा, होटल, होटलाइन आदि शामिल होते हैं। लेकिन मोदी जी के 12 साल की यात्राओं पर हुए खर्च का पूरा आंकड़ा सरकार ने एक साथ नहीं दिया, पर अलग-अलग पीरियड के आंकड़े इस जो संसद में रखे गए उसके अनुसार जून 2014 से जून 2018 तक ₹1,484 करोड़ खर्च हुए इसमें चार्टर्ड फ्लाइट: ₹387 करोड़, विमान मेंटेनेंस: ₹1,088 करोड़, हॉटलाइन: ₹9 करोड़ शामिल हैं। वही 2015 से 2025 के दस साल के कार्यकालमें यशस्वी प्रधानमंत्री जी की विदेश यात्रा पर ₹762 करोड़ खर्च का ब्यौरा विदेश मंत्रालय ने लोकसभा में बताया था।

जानकारी अनुसार वर्ष 2015 में ₹91.5 करोड़ तो वर्ष 2025 में ₹175.19 करोड़ रुपए खर्च हुए। वर्ष 2021 से 2025 की यदि बात करें तो ₹362 से ₹462 करोड़ खर्च बताया गया है।


वैसे मई 2022 से दिसंबर 2024 तक के कार्यकाल में यशस्वी प्रधानमंत्री ने ₹258 से ₹259 करोड़ रुपए अपनी 38 विदेश यात्राओं पर खर्च करवाए। यदि प्रत्येक साल के हिसाब से देखें तो 2015 में ₹91.5 करोड़ रुपए,2016 में ₹33.22 करोड़ रुपए,2017 में ₹44.27 करोड़ रुपए,,2018 में ₹51.46 करोड़,2019में ₹71.76 करोड़,2020 में ₹0 - कोविड,2021 में ₹36.11 करोड़,2022 में ₹55.82 करोड़,2023में ₹93.63 करोड़,2024 में ₹109.51 करोड़,तथा वर्ष 2025 में ₹175.19 करोड़ यशस्वी प्रधानमंत्री जी की विदेश यात्राओं पर खर्च हुए ।वर्ष 2025 में हुए खर्च ₹175.19 करोड़ की राशि अब तक का सबसे ज्यादा खर्च बताया गया है।


यशस्वी प्रधानमंत्री जी की विदेश यात्राओं पर खर्च में सबसे महंगी यात्राएं - 2021 से 2025 में बताई गई हैं ।जिसमें फ्रांस 2025 में ₹25.5 करोड़ रुपए, अमेरिका जून 2023 में ₹22.89 करोड़, सितं 2024 में ₹15.33 करोड़ रुपए खर्च हुए।अकेले अमेरिका की कुल 4 यात्राएं जो 2021-2025 के बीच रही उस पर कुल ₹74.44 करोड़ का खर्च बताया गया है। विशेष बात यह है कि यह खर्च विदेश मंत्रालय के बजट से हुआ इसमें प्रधानमंत्री जी का चार्टर्ड विमान, सुरक्षा, साथ जाने वाले अधिकारियों/मीडिया का खर्च, होटल, लोकल ट्रांसपोर्ट, कम्युनिटी इवेंट शामिल हैं। जबकि प्रधानमंत्री जी की सैलरी/सुरक्षा का फिक्स खर्च इसमें नहीं जुड़ता। 

इस प्रकार देश में सबसे ज्यादा विदेश यात्राओं का कीर्तिमान रचने वाले प्रधानमंत्री का भी ताज यशस्वी प्रधानमंत्री जी के ही सिर है।

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