विनय कुमार पाठक को पद्म श्री सम्मान से सम्मानित करने की सरकार से मांग
(जन्मदिन पर विशेष)
श्रद्धेय डॉ विनय कुमार पाठक सर, आज देश में साहित्य व शिक्षा के क्षेत्र में एक बहुत बड़ा नाम है। एक ज़माने में वे हमारे बिलासपुर कॉलेज के प्रोफ़ेसर रहे हैं, हमारे पापा के मित्र, हमारे अंकल और फिर बाद में आने के बाद जब साहित् हर साल मेरे छत्तीसगढ़ प्रवास में विभिन्न मंचों पर उनसे आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिलता रहा। वर्तमान में वे देश के प्रख्यात विमर्शकार थावे विद्यापीठ विहार के कुलपति, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष, भाषा विज्ञानी समालोचक और "साहित्य" शब्द के अर्थ को सच्चे अर्थों में जीवंत करनेवाले पूजनीय गुरुदेव डॉ० विनय कुमार पाठक के नाम से जाने जाते हैं। दिसंबर 2025 श्रद्धेय केशव शुक्ला अंकल की किताब माँ अरपा के विमोचन समारोह में उनके साथ बतौर विशिष्ट अतिथि मंच साझा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। आशा है अगले प्रवास में ये शुभता बरकरार रहेगी। वे साहित्य, पत्रकारिता व सामाजिक बदलाव के क्षेत्र में मेरे द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर अत्यंत गौरवान्वित होते हैं तथा मार्गदर्शन भी करते रहते हैं। अंत में यही एहसास होता है कि बड़ो का जब मैं सम्मान करती हूं तो उनसे भी खूब सम्मान पाती हूँ। चाहे कितनी भी व्यस्तता हो कुछ वक्त निकाल ही लेती हूं। इसीलिए यह तो बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद है जो मैं अक्सर खुश नजर आती हूं।
डॉ विनय कुमार पाठक के जन्मदिन के शुभ अवसर पर हम गणपति से प्रार्थना करते हैं कि वे हमारे बीच ऐसे महान साहित्यकार, आदर्श मार्गदर्शक, असंख्य सम्मानों से सम्मानित, युवा साहित्यकारों के संरक्षक, विकलांगजनों के उद्धारक और मानवता के प्रणेता गुरुदेव को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रखें तथा जल्द ही उन्हें पद्म श्री सम्मान से अलंकृत किया जाए। उनका देश और समाज के प्रति योगदान अतुलनीय है।
शशि दीप ©
विचारक/ द्विभाषी/लेखिका/पत्रकार
मुंबई प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स
